Rajasthan Government ने ग्रामीणों की सुविधा और राजस्व प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में घोषणा की कि 18 सितम्बर 2025 से पूरे प्रदेश में गांव चलो अभियान (Gaon Chalo Abhiyan) शुरू किया जाएगा। यह अभियान सप्ताह में तीन दिन संचालित होगा और ग्रामीणों को उनके ही गांव में कई सरकारी सेवाओं का लाभ मिलेगा।
राजस्थान गांव चलो अभियान?
गांव चलो अभियान राजस्थान सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसके तहत सीमाज्ञान, सहमति विभाजन, नामांतरण (Mutation) जैसे लंबित राजस्व प्रकरणों (Revenue Cases) को तेजी से निस्तारित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए तहसील और जिला मुख्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि ये सुविधाएं सीधे उनके दरवाजे तक पहुंचें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान Good Governance की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा और इससे ग्रामीणों का जीवन आसान बनेगा।
गांव चलो अभियान में होंगे ये प्रमुख कार्य
इस अभियान के तहत कुल 24 प्रकार की बुनियादी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इनमें खासतौर पर ग्रामीणों की समस्याओं से जुड़ी सेवाओं पर जोर दिया जाएगा। प्रमुख कार्य इस प्रकार होंगे:
- सीमाज्ञान, नामांतरण और सहमति विभाजन जैसे राजस्व प्रकरणों का निस्तारण
- ग्रामीणों को भूमि आवंटन और उससे जुड़ी सेवाओं की उपलब्धता
- सरकारी भवनों और सार्वजनिक संस्थानों की मरम्मत व पुनर्निर्माण
- विकास कार्यों की DPR और टेंडर प्रक्रिया का तेजी से पूरा होना
- सरकारी योजनाओं की आसान पहुंच और पात्र लाभार्थियों को तुरंत स्वीकृति
सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र ग्रामीण अभियान के लाभ से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे सभी विकास कार्यों की मॉनिटरिंग समय-समय पर की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में घोषित भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और साथ ही पुराने भवनों की मरम्मत और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मकसद केवल नई सुविधाएं देना ही नहीं बल्कि पहले से मौजूद सरकारी संसाधनों का भी बेहतर तरीके से उपयोग करना है।
गांव चलो अभियान से ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
- सरकारी सेवाएं गांव के दरवाजे पर – अब ग्रामीणों को नामांतरण, सीमाज्ञान और सहमति विभाजन जैसे कार्यों के लिए बार-बार तहसील या कलेक्ट्रेट नहीं जाना पड़ेगा।
- समय और पैसे की बचत – स्थानीय स्तर पर काम निपटने से ग्रामीणों का समय और यात्रा का खर्च बचेगा।
- पारदर्शिता और त्वरित निस्तारण – लंबित प्रकरणों का जल्दी समाधान होगा और लोगों को राहत मिलेगी।
- बुनियादी ढांचे में सुधार – पुराने भवनों की मरम्मत, नए भवनों का निर्माण और बेहतर गुणवत्ता से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा।
- गुड गवर्नेन्स (Good Governance) का अनुभव – सरकार की योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेंगी जिससे लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
निष्कर्ष
गांव चलो अभियान Rajasthan Government की एक ऐसी पहल है जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे न केवल राजस्व प्रकरणों का समाधान होगा बल्कि सरकारी योजनाओं (Government Schemes) की पहुंच भी आसान होगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि हर ग्रामीण तक सरकारी सेवाएं तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचें।
18 सितम्बर 2025 से शुरू हो रहा यह अभियान गरीब और मध्यमवर्गीय ग्रामीणों के लिए राहत लेकर आएगा। अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो राजस्थान के ग्रामीण विकास का नया अध्याय शुरू होगा।