राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: हाईकोर्ट सख्त, 20 जुलाई तक चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के निर्देश

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव कराने में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले चार दिनों के भीतर चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देकर 20 जुलाई तक पूरी चुनावी समय-सारिणी (Schedule) पेश की जाए।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि अब चुनाव प्रक्रिया को और अधिक लंबित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में पूछा कि चुनाव आखिर कब कराए जाएंगे और सोमवार, 20 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान पूरी चुनावी समय-सारिणी पेश करने का निर्देश दिया।

सरकार ने मांगा था अतिरिक्त समय

इस मामले में दो दिन पहले राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंचायत और निकाय चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। सरकार की इस मांग पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त और ओबीसी आयोग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब किया।

सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के विधिक सलाहकार अशोक जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए।

ओबीसी आयोग ने बताई देरी की वजह

सुनवाई के दौरान ओबीसी आयोग की ओर से बताया गया कि आयोग को अभी तक राज्य सरकार से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) आयोग की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलते ही कुछ दिनों के भीतर ओबीसी आरक्षण से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी जाएगी।

हालांकि इस जवाब से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले भी दो बार आदेश दिए जा चुके हैं, फिर भी अब तक रिपोर्ट तैयार क्यों नहीं की गई। कोर्ट ने राज्य सरकार को आवश्यक आंकड़े और रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

20 जुलाई को सामने आएगा पूरा चुनाव कार्यक्रम

हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत और निकाय चुनाव की तारीख, नामांकन, मतदान और मतगणना सहित पूरा चुनाव कार्यक्रम अदालत के सामने प्रस्तुत करना होगा।

यदि आयोग निर्धारित समय तक चुनाव कार्यक्रम पेश नहीं करता है, तो मामले में अदालत आगे कड़ा रुख अपना सकती है।

प्रदेशभर में चुनावी तैयारियों पर नजर

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे लाखों मतदाताओं और संभावित उम्मीदवारों की नजर 20 जुलाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि यदि आयोग अदालत के निर्देशों का पालन करता है, तो जल्द ही राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

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